वैदिक गणित भारत की प्राचीन और प्रभावशाली गणितीय प्रणाली है, जो गणनाओं को तेज़, सरल और मानसिक रूप से करने में सहायक है। आधुनिक समय में वैदिक गणित छात्रों, प्रतियोगी परीक्षार्थियों और शिक्षकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। इस ब्लॉग में हम वैदिक गणित को विषयवार (Topic-Wise) सरल भाषा में समझेंगे।

1. वैदिक गणित का परिचय
वैदिक गणित का पुनः विकास श्री भारती कृष्ण तीर्थजी महाराज ने किया। इसमें 16 मुख्य सूत्र और 13 उपसूत्र हैं, जिनके माध्यम से गणित की लगभग सभी शाखाओं को सरल बनाया जा सकता है। इसका उद्देश्य कम समय में अधिक सटीक गणना करना है।
2. वैदिक गणित के प्रमुख सूत्र
वैदिक गणित के सूत्र संस्कृत में हैं लेकिन उनका अर्थ बहुत सरल है।
- एकाधिकेन पूर्वेण – एक अधिक करके
- निखिलं नवतश्चरमं दशतः – सभी 9 से और अंतिम 10 से
- ऊर्ध्व-तिर्यग्भ्याम् – ऊर्ध्व और तिरछा
ये सूत्र अलग-अलग प्रकार की गणनाओं में प्रयोग होते हैं।

3. जोड़ (Addition)
वैदिक गणित में जोड़ को मानसिक रूप से तेज़ी से किया जाता है। बड़े अंकों के जोड़ में संख्या को तोड़कर जोड़ने की तकनीक अपनाई जाती है, जिससे समय की बचत होती है।
4. घटाव (Subtraction)
घटाव के लिए “पूरक विधि” (Complement Method) का उपयोग किया जाता है। इससे बड़ी संख्याओं का घटाव भी बिना गलती के जल्दी किया जा सकता है।
5. गुणा (Multiplication)
गुणा वैदिक गणित का सबसे लोकप्रिय भाग है।
- 9, 11, 99, 101 से गुणा
- दो अंकों का तेज़ गुणा
- ऊर्ध्व-तिर्यग्भ्याम् सूत्र से किसी भी संख्या का गुणा
यह प्रतियोगी परीक्षाओं में बहुत उपयोगी है।
6. भाग (Division)
भाग की वैदिक विधियाँ लंबी गणनाओं को छोटा कर देती हैं। विशेष संख्याओं से भाग करने के आसान नियम होते हैं, जिससे मानसिक भाग संभव हो जाता है।
7. वर्ग और वर्गमूल (Square & Square Root)
वैदिक गणित से किसी भी संख्या का वर्ग कुछ सेकंड में निकाला जा सकता है। इसी प्रकार वर्गमूल निकालने की भी आसान ट्रिक्स होती हैं, जो स्कूल और प्रतियोगी परीक्षाओं में सहायक हैं।

8. घन और घनमूल (Cube & Cube Root)
घन और घनमूल सामान्यतः कठिन माने जाते हैं, लेकिन वैदिक सूत्रों से इन्हें भी सरल बनाया जा सकता है, खासकर छोटी और मध्यम संख्याओं के लिए।
9. बीजगणित (Algebra)
रेखीय समीकरण, द्विघात समीकरण और सरल बीजगणितीय प्रश्न वैदिक तरीकों से कम समय में हल किए जा सकते हैं।

10. प्रतियोगी परीक्षाओं में वैदिक गणित
बैंक, SSC, रेलवे, NDA जैसी परीक्षाओं में वैदिक गणित समय प्रबंधन और सटीकता बढ़ाने में मदद करता है।
वेदिक मैथ्स क्यों ज़रूरी है?
आज के समय में:
- प्रतियोगी परीक्षाएँ (SSC, Banking, Railway, Olympiad)
- स्कूल की परीक्षाएँ
- Mental Maths
- Time management
इन सभी में वेदिक मैथ्स बहुत मदद करता है।
इसके फायदे:
- सवाल जल्दी हल होते हैं
- दिमाग तेज़ होता है
- Calculation में मज़ा आने लगता है
- Accuracy बढ़ती है
- समय की बचत होती है
पारंपरिक गणित vs वेदिक मैथ्स
अगर हम पारंपरिक मैथ्स की बात करें, तो उसमें:
- लंबे steps होते हैं
- ज़्यादा लिखना पड़ता है
- गलती की संभावना ज़्यादा होती है
वहीं वेदिक मैथ्स में:
- Short tricks होती हैं
- ज़्यादातर calculation दिमाग में
- कम समय में सही उत्तर
उदाहरण: 9 से गुणा करने की ट्रिक
मान लीजिए हमें 9 × 7 करना है।
पारंपरिक तरीका:
9 × 7 = 63
वेदिक तरीका:
- 7 से 1 कम करो → 6
- 6 का 9 से अंतर → 3
उत्तर = 63
अब बड़ा उदाहरण:
9 × 68
- 68 से 1 कम → 67
- 67 का अंतर → 32
उत्तर = 612
बिना कॉपी-पेन के!
Squaring की आसान ट्रिक
मान लो हमें 25² निकालना है।
25 = 2|5
- 2 × (2 + 1) = 6
- 5 × 5 = 25
उत्तर = 625
इसी तरह:
35² = 1225
45² = 2025
बस थोड़ी practice चाहिए।
वेदिक मैथ्स बच्चों के लिए क्यों अच्छा है?
दोस्तों, आजकल बहुत से बच्चे मैथ्स से डरते हैं। वेदिक मैथ्स:
- डर खत्म करता है
- Confidence बढ़ाता है
- Logical thinking सिखाता है
जब बच्चा बिना calculator के तेज़ी से जवाब देता है, तो उसका आत्मविश्वास अपने आप बढ़ जाता है।
क्या वेदिक मैथ्स सिर्फ ट्रिक्स है?
यह सवाल बहुत लोग पूछते हैं। जवाब है – नहीं।
वेदिक मैथ्स सिर्फ ट्रिक्स नहीं है, बल्कि:
- Logic आधारित system है
- Number sense मजबूत करता है
- Creativity को बढ़ाता है
ट्रिक्स तो बस उसका एक छोटा सा हिस्सा हैं।
वेदिक मैथ्स कैसे सीखें?
अगर आप वेदिक मैथ्स सीखना चाहते हैं, तो:
- रोज़ 15–20 मिनट practice करें
- पहले आसान सवालों से शुरू करें
- Formula याद करने के बजाय समझें
- Mental calculation पर ध्यान दें
धीरे-धीरे आपकी speed अपने आप बढ़ेगी।
वेदिक मैथ्स और प्रतियोगी परीक्षाएँ
अगर आप:
- SSC
- Banking
- NDA
- CAT
- Olympiad
जैसी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, तो वेदिक मैथ्स आपके लिए game changer साबित हो सकता है।
जहाँ दूसरे लोग 2 मिनट में सवाल हल करते हैं, आप वही सवाल 20 सेकंड में कर सकते हैं।
मेरी सलाह
दोस्तों, वेदिक मैथ्स को बोझ मत समझिए। इसे एक game की तरह सीखिए।
जितना ज़्यादा practice, उतना ज़्यादा मज़ा।
शुरुआत में थोड़ी दिक्कत होगी, लेकिन कुछ ही दिनों में आपको फर्क साफ दिखाई देगा।